अपने शिशु के खाने में मसाले की शुरुआत कब और कितनी मात्रा में करें ?

हर पेरेंट्स अपने नवजात शिशु के खाने-पीने को लेकर काफी चिंतित रहते हैं क्योंकि, शुरुआत के 6 महीने वह सिर्फ माँ के दूध पर निर्भर रहते हैं। उसके बाद वह थोड़े बहुत बाहरी आहार लेना शुरू कर देते हैं। हालाँकि, ऐसे में पेरेंट्स के मन में कई तरह के सवाल आने लगते हैं कि अपने शिशु को क्या और कैसे खाने को दें। खासकर मसाले को लेकर भी उनके मन में चिंता रहती है की शिशु के खाने में इसे कब और कितनी मात्रा में शामिल करें।

शिशु के खाने में मसाले कब डालें ?

आमतौर पर, आप अपने शिशु के खाने में मसाले 9 महीने के बाद ही डालें। क्योंकि, इससे पहले जब आप अपने शिशु को मसाले युक्त आहार खिलाती हैं तब वह अच्छे नहीं पचा पाता है। इस समय शिशु की इम्युनिटी काफी कमजोर होती है इसलिए 9 से 1 साल के बाद ही मसाले युक्त आहार अपने शिशु को दें।

हालाँकि, कुछ लोग 6 महीने के बाद अपने शिशु के आहार में थोड़ा-बहुत मसाले डालने लगते हैं। खासकर दाल, सूप सब्जी आदि के रूप में। इसके अलावा, कुछ माता-पिता ठोस आहार खिलाना शुरु करने के अन्नप्राशन समारोह के दौरान शिशु को मसाले वाला खाना खिलाते हैं।

शिशु में कौन से मसाले की शुरुआत सबसे पहले करनी चाहिए ?

शिशु में सबसे पहले हल्दी, जीरा, हींग, अदरक, सौंफ, अजवायन का इस्तेमाल किया जाता है। क्योंकि, इन मसाले को शिशु आसानी से पचा लेते हैं।

कैसे डालें शिशु के खाने में मसाले ?

आप निम्न तरीके से अपने शिशु के खाने में मसाले डाल सकते हैं, जो निम्न हैं-

लहसन और अदरक

आप दाल को पकाते समय लहसुन की एक कली या अदरक का छोटा सा टुकड़ा कद्दुकस करके डाल सकती हैं इससे कोई नुकसान नहीं होता है।

इलायची पाउडर

चुटकी भर दालचीनी, जायफल और इलायची पाउडर को खीर या पायसम के अलावा अन्य मीठे व्यंजनों में मिलाया जा सकता है।

जीरा

आप दाल में घी और जीरे का तड़का लगा कर शिशु को दे सकती हैं।

हल्दी

आप दाल सब्जी में थोड़ा सा हल्दी इस्तेमाल कर सकती हैं।

पुदीना और धनिया

ताजा हर्ब जैसे पुदीना और धनिया आप सब्जी, तरी और चावल के ऊपर डाल सकती हैं।

हालाँकि, कभी-कभी शिशु में खाद्य-पदार्थ से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। इसलिए निचे कुछ बातें बताई जा रही हैं जिसका जरूर ध्यान रखें।

शिशु में फ़ूड एलर्जी की पहचान कैसे करें ?

देखा जाए तो शिशु में एलर्जी की पहचान पेट में दर्द और दस्त के रूप में सामने आ सकता है। क्योंकि, इस समय शिशु का डाइजेस्टिव सिस्टम इतना मजबूत नहीं होता है, जिससे कि वह किसी भी तरह के फ़ूड को पचा सकें, ऐसे में इस समय शिशु में पाचन संबंधी समस्या उत्पन्न हो सकती है। इन सब के अलावा, इस तरह के लक्षण शिशु में देखने को मिल सकते हैं-

  • पेट में दर्द

  • उल्टी

  • दस्त

  • त्वचा पर लाल चकत्ते या दाने

इन सब के अलावा, आप जो भी मसाले शिशु के आहार के लिए प्रयोग करती हैं उन मसालों को साफ, सूखी जगह पर सूरज की सीधी रोशनी से दूर रखें। साथ ही, मसालों को एयरटाइट फूड ग्रेड कंटेनर में रखकर नमी से बचाएं

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