अपने बच्चों को खाने के बारे में कभी न कहें यह 4 बातें

हर पेरेंट्स की यह चाहत होती है कि उनके बच्चे हमेशा अच्छी आदतों को सीखें, चाहे वह बच्चे की खाने-पीने की आदतें ही क्यों न हो। क्योंकि अधिकतर पेरेंट्स अपने बच्चों को खाने-पीने की आदतों पर कमेंट करते रहते हैं, लेकिन उनकी यह बातें बच्चों को पसंद नहीं आती हैं। भले ही इसके पीछे पेरेंट्स की मंशा अच्छी आदतों को बढ़ावा देना होता है, लेकिन बच्चे इसे सकारात्मक तरीके से नहीं लेते हैं।

हालांकि, पेरेंट्स को भी इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि वह अपने बच्चों को हर बात पर रोक-टोक न करें, ऐसे में पेरेंट्स को इन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, जिनमें निम्न शामिल हैं-

  • किसी के साथ तुलना न करें- पेरेंट्स को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि अपने बच्चे को कभी भी भाई-बहन या दोस्त से तुलना न करें। क्योंकि, अक्सर माता-पिता अपने बच्चों को यह कहते हैं कि तुम्हारे भाई-बहन या दोस्त तो खा रहे हैं तो तुम्हें खाने में क्या परेशानी है। क्योंकि, इससे बच्चे चिड़ जाते हैं, ऐसे में बेहतर है कि बच्चों को प्यार से समझाएं।  
  • ज्यादा रोक-टोक न करें- अपने बच्चों को यह कभी न कहें कि तुम चुन-चुन कर खाते हो। उन्हें प्यार से समझाकर खिलाने की कोशिश करें, इतना ही नहीं उन्हें खाने के फायदों को भी समझाएं। साथ ही आप अलग-अलग तरह के हेल्दी खाने को बच्चों के आहार में शामिल करें।  
  • जबरदस्ती न खिलाएं- बच्चों को जबरदस्ती खाना बिल्कुल न खिलाएं, क्योंकि कुछ पेरेंट्स अपने बच्चों को ठूंस-ठूंस कर खाना खिलते हैं। इसके बदले आप उन्हें समझाकर जितना मन हो खाने का उतना खाने दें।
  • पसंदीदा खानों से दूर न करें- बच्चों को उनकी पसंदीदा आइसक्रीम, केक या चॉकलेट के लिए कभी मना न करें। बल्कि, उन्हें यह समझाने की कोशिश करें कि यह उनका लंच टाइम है, इसे वह बाद में खा सकते हैं। इससे बच्चे न केवल इसकी खाने की ज़िद छोड़ेंगे बल्कि वह आपकी बात भी मानेगें।

इसके अलावा आप अपने बच्चों के लिए घर में ही हेल्दी और उनके पसंद का खाना बनायें, जिससे कि आपका काम आसान हो जाए।

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