अगर शिशु को दे रही हैं बाहरी दूध तो उसकी मात्रा का जरूर रखें ध्यान

कुछ महिलाओं को उचित मात्रा में दूध नहीं बनता है जिससे कि शिशु को जितनी मात्रा में दूध मिलनी चाहिए उतना मिल नहीं पाता है। ऐसे में, आप शिशु को फॉर्मूला मिल्क देती हैं। लेकिन, क्या आपने कभी यह सोचा है कि शिशु को कितनी मात्रा में ऊपरी दूध दी जानी चाहिए। क्योंकि, इस समय शिशु को अपने पेट का सही अंदाज़ा नहीं होता है कि उन्हें कितनी मात्रा में दूध पीना चाहिए। ऐसे में शिशु जरूरत से ज्यादा दूध पी लेते हैं, जो कि उनके स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। ऐसे में, निचे कुछ बातें बताई जा रही हैं जिसका ध्यान आप रख सकती हैं –

अपने शिशु में भूख की पहचान करें

अक्सर आप ने देखा होगा कि जब बच्चे भूखे होते हैं तब वह जोर-जोर से रोना शुरू कर देते हैं। या फिर वह आपकी ओर सिर करके स्तनपान करने की कोशिश करने लगते हैं। कुछ बच्चे अपने हांथों को अपने मुंह में लेते हैं, ऐसे में आप इन सारे संकेतों से समझ सकते हैं कि आपके बच्चे को भूख लगी है।

कैसे समझें कि शिशु का पेट भर गया है ?

जब भी आप शिशु को दूध पिलाती हैं तब आपने यह देखा होगा कि शुरुआत में बच्चे बहुत तेज़ी से दूध पीते हैं। इतना ही नहीं शिशु के गले से दूध अंदर जाने की आवाज भी सुनाई देती है। लेकिन, जैसे ही शिशु का पेट भर  जाता है तब आप यह देखेंगी कि वह मुंह से दूध बाहर निकालने लगते हैं या फिर वह दूध को मुंह के अंदर रख कर खेलते हैं। ऐसे में, जब बच्चे मुंह से दूध बाहर निकालने लगे तब आप उन्हें दूध पीने के लिए न दें।

दिनभर में शिशु को कितनी बार दूध चाहिए ?

शुरुआत में शिशु को कम से कम 10 – 12 बार माँ का दूध पीते हैं। हालाँकि, आपके शिशु को हर दिन उसके वजन के अनुसार करीब 150 मि.ली. और 200 मि.ली. फॉर्मूला दूध प्रति किलोग्राम चाहिए होगा। यानि कि अगर आपके शिशु का वजन तीन किलोग्राम है, तो पूरे 24 घंटों में उसे 500 से और 600 मि.ली. के बीच फॉर्मूला दूध दिया जाना चाहिए।

आमतौर पर, शिशु को जन्म के कुछ दिनों तक हर बार 50 से 70 मि.ली. के बीच दूध पिलाने की कोशिश करें। वह एक बार में इससे ज्यादा दूध पीने में सक्षम नहीं होगा। वहीं जब जब आप शिशु को ठोस आहार देना शुरु कर देती हैं, तब बच्चे का दूध पीना धीरे-धीरे घटकर करीब 500 मि.ली. प्रति दिन पर आ जाता है।

हालाँकि, जब आपका शिशु ठोस आहार लेना शरू कर दे तब आप उसे दूध से बनी चीज़ों को भी दे सकती हैं, जैसे कि दही, दलिया, साबुदाना, सूजी की खीर आदि। क्योंकि, शिशु इन चीज़ों को बड़े चाव से खाते हैं।

क्योंकि, 6 महीने बाद शिशु को उचित मात्रा में पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है ताकि उसका सही तरीके से विकास हो सके।

शिशु को कितने दिनों तक फॉर्मूला मिल्क दिया जाना चाहिए?

शिशु को 1 साल की उम्र तक फार्मूला मिल्क दिया जाना चाहिए। क्योंकि, जब बच्चे ठोस आहार की शुरूआत करते हैं तब वह भर पेट जितना खाना चाहिए उतना नहीं खा पाते हैं इसलिए उन्हें ठोस आहार के साथ-साथ दूध भी देने की जरूरत पड़ती है। आप चाहें तो एक साल बाद आप शिशु में फॉर्मूला दूध की बजाय पूर्ण वसायुक्त गाय का दूध दे सकती हैं।

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Feature Image Source: babycenter.com

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