अगर आपके बच्चे आपकी न सुनें तो सिर्फ यह 5 फंडे को अपनाएं

हर बच्चे का अपना अलग-अलग स्वभाव होता है, कुछ शांत स्वभाव के होते हैं तो कुछ ज़िद्दी प्रवृति के। मैं अपने ही घर में अपनी बहन को देखती हूँ उनका बच्चा बहुत ही ज़िद्दी प्रवृति का है, अभी वह सिर्फ 4 साल का है लेकिन, हर बात को चिल्ला कर कहता है। जिसके कारण उसे खूब पिटाई भी लगती है। हालाँकि, मैंने जो नोटिस किया कि मेरी बहन का स्वभाव भी उसके साथ थोड़ा ज़िद्दी वाला हो गया है। वह बात-बात पर चिल्लाती है। लेकिन, मुझे लगता है कि यह तरीका सही नहीं है क्योंकि आपको कहीं न कहीं उसे अच्छे से हैंडल करने के तरीके जरूर आने चाहिए ताकि आप अपने बच्चे के इस स्वभाव को खत्म कर सकें।

ऐसे में, आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने की कोशिश कर रहे हैं जिसके जरिए आप अपने बच्चे के ज़िद्दी स्वभाव को कम कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

प्यार से हैंडल करें


Image Source: Grief.com

सबसे पहली बात यह है कि आप अपने ज़िद्दी बच्चे को शुरू में प्यार से समझाएं, क्योंकि यदि आप उसे पहले ही मारना-पीटना शुरू करेंगी तब वह सुधरने की बजाए और ज़िद्दी हो सकता है। इसलिए पहले उसे प्यार से समझाने की कोशिश करें कि वह आपका सबसे अच्छा और गुड बॉय/गर्ल है। अगर वह प्यार से समझ जाता है तब इससे अच्छी बात कुछ हो ही नहीं सकती है।

बच्चे के गुस्से या ज़िद्दी स्वभाव का वजह जानें


Image Source: Momjunction

दूसरी जो बात है वह यह है कि आप पाने बच्चे के ज़िद्दी स्वभाव के पीछे की असली वजह जानने की कोशिश करें कि वह किस बात को लेकर गुस्सा होता है या फिर वह किस बात को लेकर ज्यादा ज़िद्दीपना दिखाता है। जिस दिन आप यह अपने बच्चे में ढूंढ लेंगी उस दिन आपके लिए काम आसान हो जाएगा।

घर में हर लोगों के लिए एक जैसा नियम बनायें


Image Source: thechampatree.com

इसमें कोई शक नहीं है कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका घर होता है जहाँ वह हर छोटी से लेकर बड़ी चीज़ें सीखते हैं। ऐसे में, अपने घर में कुछ कायदे-कानून ऐसे बनायें जो सारे लोगों के लिए एक जैसे हों। जैसे कि सोने से लेकर साथ में खाना-खाने तक जैसी छोटी-छोटी चीज़ों को लेकर। क्योंकि, बच्चे सबसे अधिक सोने और खाने में नौटंकी करते हैं। इसलिए, उन्हें शुरू से ही उन सारे पौष्टिक आहार खाने की आदत डालें जो उनके हेल्थ के लिए अच्छा हो, और उनके उचित विकास में सहायक हो सके।

हाँथ उठाने की गलती न करें


Image Source: Huffingtonpost

कभी-कभी बच्चे जरूरत से ज्यादा किसी चीज़ या अपनी बात को मनवाने को लेकर हो जाते हैं। ऐसे में, आप उनपर हाँथ उठाने की गलती न करें। क्योंकि, इससे वह समझने की बजाए और अधिक ज़िद्दी प्रवृति के हो जाते हैं। कभी-कभी आप उन्हें उनकी पसंद की चीज़ें दिलवाने की कोशिश करें लेकिन हमेशा उनकी डिमांड को पूरा करने की भूल न करें। क्योंकि, बाद में वह इसका गलत फायदा उठायेंगे।

हमेशा पढ़ने की जिद न करें


Image Source: The Guardian

कुछ पेरेंट्स ऐसे होते हैं जो हमेशा चाहते हैं कि बच्चे हर वक़्त किताबों से चिपके रहें। लेकिन, यह सही नहीं है क्योंकि बच्चे जिस वक्त वह नहीं पढ़ना चाहते, उस वक्त उन्हें मजबूर न करें, वरना वह जिद्दी हो जाएगा और पढ़ाई से बचने लगेगा। साथ ही जब उनका पढ़ाई में मन न लग रहा हो तब आप उन्हें उनकी पसंदीदा काम करने के लिए दें। जिससे कि उनका ध्यान थोड़ा से कन्सेंट्रेट हो सके।

इन सब के अलावा, जो एक बात है उसका ध्यान जरूर रखें और वह है अपने बच्चे को समय दें। क्योंकि, आज के समय में दोनों ही लोग वर्किंग होते हैं और वह अपने बच्चे को उचित समय नहीं दे पाते हैं। ऐसे में वह चिड़चिड़े और जिद्दी हो जाते है। इसलिए अपने बच्‍चों को जरूर समय दें और उनकी हर बात को ध्‍यान से सुनें, उन्‍हे इग्‍नोर न करें।  

आपकी बिंदु- एक दैनिक कॉलम है, जहाँ आपको हर मर्ज़ की दवा मिल सकती है। इसके लिए आप घरेलू नुस्खे, हेल्दी फ़ूड से लेकर तमाम सभी चीज़ों की जानकारियों और अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।

loader