अगर आप करते हैं एस्ट्रोलॉजी में यकीन तो एक बार इसके फायदे के बारे में जरूर जानें

आज के समय में एस्ट्रोलॉजी (ज्योतिष) हिंदू धर्म में अपनी एक मजबूत पकड़ बना ली हैं। फिर चाहे वो नया घर लेना हो, विवाह, बच्चे का जन्म या फिर नया बिजनेस खड़ा करने जैसी तमाम चीज़ों के लिए इसका सहारा लिया जाता है। क्योंकि, यह संबंधों और ग्रहों के पैटर्न का एक अध्ययन है, जहाँ विभिन्न सितारे, नक्षत्रों की स्थिति और बर्थ चार्ट के साथ तालमेल बिठा कर अध्ययन किया जाता है। आमतौर पर, आज के समय में ज्योतिष को अर्ध-विज्ञान माना जाता है हालाँकि, यह एक विश्वास प्रणाली है और कई विश्व संस्कृतियों में इसका एक मजबूत धार्मिक महत्व है। लोग इसका उपयोग अपने जिंदगी के अलग-अलग क्षेत्रों में करते हैं ताकि आगे की लाइफ को आसान बनाया जा सके। यह विभिन्न कार्यों को करने के लिए सही समय निर्धारित करने में हमारी मदद करता है। एस्ट्रोलॉजी का प्रयोग क्लाइंट्स, आत्म-जागरूकता और परिवार की भलाई के लिए करते हैं। यहाँ अस्सी से भी अलग-अलग प्रकार के हैं। यहां उनमें से कुछ के स्नैपशॉट हैं, जो निचे दिए जा रहे हैं-

भारतीय ज्योतिष

इसे चंद्रमा ज्योतिष के रूप में भी जाना जाता है। यह चंद्रमा के नक्षत्रों और मूवमेंट पर आधारित है। यहाँ कुल 12 राशि चिन्ह और पांच तत्व हैं जो भारतीय ज्योतिष में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। ऐसे में, जिन लोगों को इस विषय में गहरी जानकारी होती है वह इसका उपयोग करके भविष्य की भविष्यवाणी कर सकते हैं ताकि आने वाले कठिनाइयों से बचा जा सके।

नाडी ज्योतिष

यह दक्षिण भारत में ज्यादातर प्रचलित है। इसमें नाडी पाठकों को युक्त तरीके से प्राचीन ताड़ के पत्तों को पढ़ने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। इसमें भविष्यवाणियों के साथ की गई राशि-रेखाचित्रों को संकलित किया जाता है। प्रत्येक नाडी शैली एक यूनिक स्टाइल में होता है। नाडी ज्योतिष आपको पिछली ज़िंदगी में की गई गलतियों को सुधारने में आपकी मदद करता है। जिसे ऋषियों द्वारा लिखे गए उपायों को पढ़ कर आपको सही रास्ते पर लाने का काम करता है।

वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी

यह व्यक्ति के जन्म के समय सूर्य की स्थिति पर आधारित होता है। पश्चिमी ज्योतिषी ट्रॉपिकल राशि का उपयोग करते हैं। पश्चिमी ज्योतिष में, बारह चिन्ह एक वर्ष की अवधि के लिए खड़े होते हैं। लोगों का मानना है कि विभिन्न राशि चिन्ह विभिन्न विशेषताओं और प्रतिभाओं को बताते हैं।

वैदिक एस्ट्रोलॉजी- जिसे ज्योतिष के रूप में भी जाना जाता है। यह इसकी सटीक भविष्यवाणी के लिए जाना जाता है। यह तीन प्रकार का होता है-

सिद्धांत या गणिता स्कंद (एस्ट्रोनॉमी)

संहिता स्कंद (मुन्डाण ज्योतिष)

होरा स्कंडा (पूर्वानुमानित ज्योतिष)- यह ज्योतिष शाखाओं में उप-विभाजित है:

– जैमिनी

– प्रश्न

– तजिका

– पाराशरी

– मुहूर्त

– कृष्णामूर्ति पाधती

– स्त्रीजातक

– अंकज्योतिष

– स्वर शास्त्रा

– नास्तजातकं

वित्तीय ज्योतिष- इसका इस्तेमाल वस्तुओं, स्टॉक या अर्थव्यवस्था में समय के चक्र का पूर्वानुमान करने के लिए किया जाता है। यह उद्यमियों, शेयर दलालों को निवेश करने के लिए सही समय जानने में मदद करता है।

पंचपक्षी ज्योतिष- यह ज्योतिष लोगों को पांच तत्वों में बांटता है, प्रतीकात्मक रूप से एक पक्षी के साथ उनका प्रतिनिधित्व करते हैं। यह प्रश्नों का उत्तर देने और शुभ समय का पता लगाने में मदद करता है।

कैरियर ज्योतिष- यह आपके जन्म तिथि को ध्यान में रख कर आपके कैरियर का निर्धारण करने में आपकी मदद करता है। इसके अलावा, यह आपकी क्षमताओं के अनुसार कार्य का प्रकार चुनने में आपकी मदद करता है।

विवाह ज्योतिष- यह भारत में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसमें कुंडली, ग्रहों की स्थिति आदि का अध्ययन किया जाता है। ताकि आपके लंबे और सुखी विवाहित जीवन को सुनिश्चित किया जा सके। इससे शादी से पहले और बाद में समस्याओं को खत्म करने में मदद मिलती है

मौसम संबंधी ज्योतिष- यह सूर्य, ग्रहों और चंद्रमा के खगोलीय प्लेसमेंट पर आधारित होता है। जो मौसम के पूर्वानुमान लगाने में मदद करता है।

ऐसे में, इन से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आप यहां जा सकते हैं। ताकि आप अपने आने वाले समय को सुखद बना सकें। क्योंकि, जिंदगी में सफल होने के लिए किसी भी चीज़ का सही समय पर होना बहुत जरूरी होता है।

ऐसे में यदि आप एक अच्छे ज्योतिषि की तलाश में हैं, तो आप आदिशक्ति पर लॉग ऑन करें और विशेषज्ञ से बात करें। या फिर अधिक जानकारी के लिए इस नंबर का प्रयोग करें +91 9538602626 करें या इस पर मेल भी कर enquiry@adishakti.co सकती हैं।  

(आदशक्ति के सहयोग से)

(डिस्क्लेमर: इस कॉलम में व्यक्त विचार आदीशक्ति का है। क्योंकि, जेनपैरेंट सिर्फ अपने दर्शकों के लिए विभिन्न बिंदुओं को प्रस्तुत करने का एक मंच है।)

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