आजादी के 70 वें साल में वूमेन ऑन टॉप

Published On  August 12, 2016 By

अपने देश को आजाद हुए 70 साल हो गए हैं, और हमलोग सब मिलकर आजादी का जश्न मनाने में लगे हुए हैं। लेकिन, 70 साल की इस आज़ादी में कभी हमलोगों ने यह जानने कि कोशिश नहीं कि आज के समय में महिलाएं कितनी आज़ाद हैं। हालाँकि, महिलाओं का सम्मान करना एवं उसके हितों की रक्षा करना हमारे देश की सदियों पुरानी परंपरा है। शायद यही वजह है कि सदियों से भारतीय समाज में नारी की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चाहे वह झांसी की रानी, इन्दिरा गाँधी या फिर सरोजनी नायडू ही क्यों न हों।  

टॉप वूमेन

भारत में, महिलाओं ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर कई ऐसे मुकाम हासिल किए हैं जो हर किसी के लिए मिसाल हैं। वैसे तो भारत में अनगिनत महिलाएं हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। लेकिन, हाल ही में प्रतिष्ठित फोर्ब्‍स मैगजीन ने दुनिया की 100 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की जो लिस्‍ट जारी की है, उसमें भारत की चार महिलाओं ने जगह बनाई है। जिसमें, शोभना भरतिया, चंदा कोचर, अरुंधति भट्टाचार्य और किरण मुजूमदार शॉ यह चार ऐसे नाम है जिन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की गरिमा में चार चांद लगाए हैं।

आज के समय में महिलाएं हर वो एक क्षेत्र में पुरुष के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। चाहे वो फिल्म जगत हो, खेल का मैदान हो या राजनीति के दाव पेंच हों। सब क्षेत्र में महिलाओं ने अपना शिकंजा कसा है। अगर बात खेल के मैदान की करें तो सानिया मिर्ज़ा, सायना नेहवाल और मैरीकॉम के मुक्के को भारत ही नहीं, पूरी दुनिया ने लोहा माना है। वहीं राजनीति के दाव पेंच खेलने में शुषमा स्वराज, सोनिया गाँधी या जयललिता माहिर हैं। इनके सामने अच्छे-अच्छे बाहुबली के पसीने छूट जाते हैं।

हालाँकि, इस समय महिलाओं की स्थिति पहले से बहुत हद तक बेहतर हुई है, सरकार के द्वारा महिलाओं के हित में विधेयक और उनके विकास के लिए विभिन्न परियोजनाएं बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन, जरूरी है तो लोगों को जागरूरक होने कि ताकि महिलाओं को बराबर का हक़ मिल सकें।

 

मॉर्डर्न मोना- मदर लाइफस्टाइल!एक दैनिक कॉलम, जहाँ महिलाओं से संबंधित पूरी जानकारी दी गई है।  जैसे- स्वास्थ्य, फैशन, फिटनेस, बच्चों का रख-रखाव, मनोरंजन, सेक्स आदि की जानकारी के लिए आप अपने सवाल इस ईमेल aapkihindieditor@zenparent.in पर भेज सकते हैं।