7 दवायें बच्चों को कभी न दें

बच्चों के बीमार होने पर पेरेंट्स उन्हें जल्दी आराम दिलाने के लिए कई ऐसी दवाएं हैं ,जो फट से दे देतें हैं और बच्चों को आराम मिल जाता है बीमारी से लेकिन क्या कभी पेरेंट्स ये भी सोचते हैं कि कौन सी दवा उनके बच्चे को खाने के लिए देनी चाहिए या नहीं ?  कुछ ऐसी 7 दवाएं हैं जो बच्चों को देने से उनको नुकसान पहुँचता है। आइये यहाँ हम जानते हैं 7 ये खास दवाएं जो बच्चों को कभी नहीं देना चाहिए खाने के लिए -

  1. एस्पिरिन  :-  हाल में ये अमेरिका अकादमी से ये पता चला है  कि बच्चों के लिए एस्प्रिन दवा बहुत हानिकारक होती है। यदि बच्चों को चिकेन पॉक्स या फ्लू हो जाये तो उन्हें कत्तई ये दवाएं न दें। बच्चों के बीमार होने पर या  वायरल हो जाने पर या बुखार आने पर पेरेंट्स खुद से एस्प्रिन दवा दे देते हैं चाहे वो टीनएजर्स हो या इन्फेंट बेबी को ऐसे दवा जल्द से खिला कर आराम दिलाने के लिए बिना डॉक्टर परामर्श से दवा दे देते हैं। लेकिन बच्चों कभी एस्प्रिन दवा नहीं देनी चाहिए खाने के लिए। बच्चों को मेडिसिन देने से पहले इसमें मिलाये गए सामग्री की जांच करके ही दें कि किस वर्ग के बच्चों के लिए कौन सी दवा सही है। एस्पिरिन दवा में सैलिसिलेट होता है। जो सक्रिय संघटक -पूरी तरह दूर रहने के लिए है। reye सिंड्रोम है ,जो ए पी  ए के रूप  में दुर्लभ है। बच्चों और किशोरों में reye सिंड्रोम के जोखम के कारण ,जैसे फ्लू जैसे लक्षणों या छोटी चेचक (चिकन पॉक्स ) या अन्य वायरस रोगों के लक्षणों के नियंत्रण के लिए एस्पिरिन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

  2. मतली (क़ै) या डायरिया के लिए दवाओं का प्रयोग :- बच्चों को डायरिया या मतली होने पर पेरेंट्स एस्पिरिन दवा खाने को देते हैं। जो बच्चों के लिए बहुत ही हानिकारक है। आइये बताते हैं कि एस्पिरिन में क्या -क्या मिला होता जो बच्चों को देने से नुकसान पहुंचता है एस्पिरिन में सम्मिलित सामग्री हैं  -,पेप्टो बिस्मोल ,kaopectate ,और बहुत सारी जेनेरिक नाम की पिंक बिस्मुथ मिला होता है। बच्चों को बीमार होने पर या फ्लू होने पर अथवा मतली आने पर एस्पिरिन का प्रयोग न करें बच्चों के उम्र यानि 12 साल से या 18 के अन्दर उम्र वाले बच्चे को एस्पिरिन दवा नहीं खाने देना चाहिए

  3. खांसी और जुकाम के लिए दवा :- बच्चों को खांसी व् जुकाम हो जाने पर पेरेंट्स उनको एस्पिरिन खिलाते हैं ताकि बच्चे का जुकाम और खांसी जल्दी ठीक हो सके। लेकिन यहाँ पेरेंट्स बहुत बड़ी गलती करतें हैं बच्चों को एस्पिरिन खिलाकर ऐसा मानना है यU .S फ़ूड एंड ड्रग एडमिनट्रेशन का कि इन्फेंट बेबी या एडल्ट चिल्ड्रन को एस्पिरिन दवा के सेवन से दूर रखना चाहिए ये बहुत ही हानिकारक दवा है। बच्चों अगर इन दवाओं के बजाये घरेलू नुस्खे अपनाए जाये तो बच्चा आराम मिलेगा और कोई हानि भी नहीं पहुंचेगा बच्चों के लिए एस्पिरिन दवा  बहुत ही घातक है। पेरेंट्स बच्चों को खांसी व् जुकाम होने पर ये दवाएं देना बंद करें।

  4. हनी :- शहद स्वाभाविक रूप से मीठा होता है और ये सभी घरों में आसानी से मिल भी जाता है। बच्चों को खांसी और जुकाम होने पर लोग खिलाते हैं जो कि बहुत ही हानिकारक है यदि बच्चा एक साल का है तो। एक शोध के अनुसार बताया गया है यदि गले की खरास हो या सोने में दिक्क्त हो तो हनी खाने से आराम मिलाता है लेकिन यदि कम उम्र के बच्चों को ज़्यादा मात्रा में दे दिया जाये तो उनको बहुत नुकसान पहुंचता है।

  5. सिरप ऑफ़  ipecac :-   बच्चे अक्सर घर में प्रयोग हो रहे विषैले पदार्थ को जैसे -पेट्रोल ,केरोसिन ,फ़र्नीचर पॉलिश आदि कीटनाशक दवाओं को पी जाते हैं ऐसे में पेरेंट्स बच्चों को विषैली दवाओं की उलटी करने के लिए घर में रखे हुए ipecac सिरप का प्रयोग जल्दी से करते है ताकि बच्चा जल्दी से सारी विषैली दवाओं को वॉमिट कर दें। पेरेंट्स को इन दवाओं का प्रयोग नहीं करना उन्हें बच्चे को फ़ौरन इमेरजेंसी में बच्चे को एडमिट करा कर इलाज कराना चाहिए इसके सिरप के प्रयोग से बच्चे को बहुत हानि पहुंचता है।

  6. एंटीबॉयटिक :- पेरेंट्स बच्चों के बीमार होने पर जल्दी से एंटीबायोटिक दवाओं का प्रयोग करते हैं ताकि बच्चा जल्दी से ठीक हो जाये। घर में एंटीबयोटिक दवा यदि बड़े व्यक्ति के उपचार के लिए रखा हुआ तो अगर बच्चा बीमार हो जाता किसी कारण उसे फ़ौरन पेरेंट्स दवा  खिला देते हैं जो बिल्कुल गलत है पेरेंट्स को पहले डॉक्टर् से परामर्श लेने के बाद कितनी मात्रा में एंटीबयोटिक दवा दे सकें उतनी मात्रा में बच्चे के इलाज में दवा का सेवन करना चाहिए ताकि बच्चे को किसी प्रकार से हानि न पहुंचे।

  7. मेडिसिन बच्चों के लिए लाभदायक :- पेरेंट्स बच्चे के बीमार होने पर अक्सर अपने मन से घर इ रखी हुई दवाओं का प्रयोग करते हैं चाहे वो उनके बच्चे के उम्र के अनुसार ठीक हो या गलत ? परेंस्ट को ऐसा लगता है कि इन दवाओं से उनके बच्चे की इलनेस बहुत जल्द  ठीक हो जायेगा। ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है पेरेंट्स को सबसे पहले यदि बच्चा किसी कारण बस अस्वस्थ्य दिख रहा या खांसी ,बुखार ,या फ्लू ,डायरिया ,चिकन पॉक्स से ग्रसित है तो उसे सबसे पहले डॉक्टर को दिखा कर ही बताये गए खुराक के अनुसार दवा का सेवन करें जिससे बच्चा जल्दी ठीक हो जाये।

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