6 टिप्स नवजात शिशुओं के लिए

नवजात बच्चों के लिए जीवन का पहला साल बेहद खास और विकास के बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बच्चे अपने आस -पास के चीजों को समझना एवं बोलना सीखते हैं।इस दौरान पेरेंट्स कई सवालों के दौर से गुजरते हैं। हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहें हैं जो नवजात शिशु के जन्म से एक साल तक खास तरीके से देख -रेख की जाये उसके बारे में बता रहें। –

  1. मालिश करना :- नवजात शिशुओं के शरीर की मालिश करना बहुत जरूरी होता है। इससे बच्चों के हड्डियों में मजबूती आती है। बच्चों को मालिश करने के लिए शुध्य सरसों तेल ,जैतून तेल ,डाबर लाल तेल ,आदि तेलों से हल्के हाथों से मालिश करें।

  2. नहलाना :- नवजात शिशुओं को नहलाना हो ,तो माँ को बहुत सावधान रहना चाहिए ,क्योंकि नवजात शिशु के त्वचा बेहद नाजुक होती है। इसके लिए ज़्यादा गर्म पानी का प्रयोग न करें। और बच्चे के जन्म के पहले तीन सप्ताह तक अगर गीले कपड़े से बदन पोंछा जाये तो काफी है। अगर बच्चे को बेबी शैम्पू लगा कर नहलाती हैं तो आँखों को हाथों से ढक कर पानी सिर पर डालें।

  3. आराम से सुलायें :- शिशु को सुलाने के लिये ये पेरेंट्स ध्यान दें कि ज़्यादा कपड़े न पहना रखे। क्योंकि कपड़ों के वजन और कंबल के वजन से बच्चों को  सोने में दिक्क्त होती है। तो हमेशा ये ध्यान रहे कि शिशु को सोते वक़्त कम या कम्फर्टेबल कपड़े ही पहना कर सुलाएं।

  4. शिशु का रोना :-   शिशु के रोने से पेरेंट्स को डर लगता है ,कि शायद उनके बच्चे को कोई तकलीफ ,या दर्द है और नन्हा -सा बच्चा कुछ बोल ,बता नहीं पा रहा है। बच्चे रोने के लिए प्रोग्राम्ड होते हैं। बच्चे को रोते  समय मुँह में पैसिफायर लगा दें। इससे बच्चे कम रोयेंगे।

  5. दांतों की केयर :– शिशु के दूध के दांत बहुत नाजुक होते हैं इसीलिए कई माता -पिता बच्चों को बहुत देर में टूथ बेबी ब्रश हाथों में थमाते हैं।बच्चे के दांत निकलना शुरू हो गया है तो  इसके लिए बच्चे को सोने के पहले दूध पिलाना बंद कर दें। अगर ब्रश नहीं करते हैं तो दूध पिला गीले साफ कपड़े से दूध वाले दाँतो को साफ करें।

  6. प्रकृति के साथ :- आज के हाई  टेक ज़माने में पेरेंट्स अपने बच्चों को टेबलेट ,आईपॉड ,स्मार्ट फ़ोन ,टीवी आदि से बड़ा करते हैं। जो की सही नहीं है पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चों को कुदरत के साथ जोड़ें।

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