5योग से करें बेली फैट को कम

पेट की चर्बी कम करने के लिए न जाने क्या -क्या नुस्ख़े अपनाते हैं जैसे डाइट चार्ट ,जॉगिंग या एक्सरसाइज आदि। फिर भी लोगों को पेट की चर्बी को लेकर शिकायत होती है कि उनके बेली का फैट कम नहीं हो रहा है। यहाँ हम कुछ ऐसे खास पांच योगासन के बारे में बता रहें हैं जिससे पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिलेगी साथ -ही साथ एक अच्छा लुक भी मिलेगा। ये योगासन को हमेशा करना होगा ताकि फ्यूचर में दुबारा कभी बेली पर फैट न आ जाये। तो खास ये पाँच योगासन से बेली फैट को कम करें-

  1. – भुजंगासन(cobra posture):- यह आसान पेट की चर्बी कम करने के लिए सबसे अच्छा है।यह मसल्स के लिए बेहद फायदेमंद होता है ,एवं यह बॉडी को लचीला बनाता है यह आसान सांप की तरह फन फैलाये हुए दिखता है।

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विधि :

  • किसी साफ स्थान पर चटाई या चादर बिछाकर पेट के बल ले जायें।

  • अब दोनों पैरों ,एड़ियों और पंजों को आपस में मिला कर और पूरी तरह जमीन से चिपका लें।

  • इसके बाद अपने बॉडी को पैरों की उँगलियों से लेकर नाभि तक के भाग को जमीन से लगा दें।

  • इसके बाद हाथों को कंधे के सामने जमीन पर रखिये। ध्यान रहे कि दोनों हाथ कंधे के आगे पीछे नहीं होने चाहिए। अब हाथों के बल नाभि के ऊपरी भाग को ऊपर की ओर झुकायें जितना संभव हो।

  • 20 से 30 सेकंड तक यह स्थिति रखें,बाद में श्वास छोड़ते हुए धीरे -धीरे सर को निचे लाकर माथा जमीन पर रखें ,छाती ,ठोड़ी भी जमीन पर रखें।

नोट :

  • हर्निया के रोगी को यह आसन नहीं करना चाहिए।

  • गर्भवती महिला को यह आसान नहीं करना चाहिए

2 –धनुरासन :-इस योग आसान से पेट की चर्बी को कम करने में काफी कारगर है। इससे शरीर में लचीलापन भी आता है। धनुरासन से सभी आंतरिक अंगों ,मांसपेशियों और जोड़ों का व्यायाम हो जाता है। इससे पाचनशक्ति बढ़ती है। तथा श्वास की क्रिया व्यवस्थ्ति चलती है। ये आसान सर्वाइकल ,स्पोंडोलाइटिस ,कमर दर्द एवं उदर रोगों में लाभ कारी आसान है। यह आसान स्त्रियों के मासिक धर्म संबंधी विकृतियाँ दूर करता है।

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विधि :

  • साफ स्थान पर चटाई
    बिछा कर पेट के बल लेट जायें।

  • घुटनों को मोड़कर कमर के पास लाएँ और घुटिका(पैर के पंजों) को हाथों से पकड़ें।

  • श्वास भरते हुये सीने को जमीन से ऊपर उठायें और पैरों को कमर की ओर खींचें।

  • चेहरे पर मुस्कान रखते हुए सामने देखें।

  • यह क्रिया अपने क्षमता के अनुसार 10 से 15 सेंकड तक श्वांस लें और छोड़ें।

  • सावधानी बरतें आसान आपकी क्षमता के अनुसार ही करें ,जरूरत से ज़्यादा बॉडी को ना कसें।

 3 -नौकासन : यह आसान पेट की चर्बी कम करने के लिए बहुत अच्छा योगासन है। इससे पेट की चर्बी करने में कफी हद तक सहायता मिलती है। यह आसान नौका की तरह होता है इससे  लोवर एब्स की मांसपेशियां टाइट रहती हैं जिससे इस हिस्से में फैट्स नहीं जमा हो पाता है

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विधि :

 

  • साफ स्थान पर मैट बिछाकर पीठ  के बल सीधा लेट जाएँ।

  • शरीर के ऊपरी हिस्से एवं पैरों को उठायें।

  • कम से कम 30 डिग्री कोण तक पैरों को उठायें।

  • दोनों हाथों से दोनों पैरों को छूने की कोशिश करें।

  • कम से कम 20 से 30 सेकंड तक इसी अवस्था में रहें।

  • इस आसान को 10 बार दोहराएं। और धीरे -धीरे 30 बार कर  सकती हैं।

4 कुंभकासन :- यह आसन करने से पेट की चर्बी कम किया जा सकता हैं। यह आसान करने में बहुत आसान है। ये आसन बाहों ,कन्धों,पीठ ,पुष्टिकाओं ,जांघों को मजबूत करता है। और शरीर के पेट की चर्बी को कम करने में सहायक होता है।

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विधि :

  • साफ स्थान पर चटाई बिछा कर पेट के बल लेट जाएं।

  • अपनी दोनों हथेलियों को अपने चेहरे के आगे रखें और पैरों को इस तरह मोड़ें कि पंजें जमीन को धकेल रहे हों।

  • अब हाथ को आगे की ओर पुश करें एवं अपनी पुष्टिका को हवा में उठायें।

  • पैर जमीन में सटे होने चाहिए। तथा गर्दन ढीली होनी चाहिए।

  • इसके बाद साँस अंदर की ओर खींचें और अपने धड़ को इस  तरह निचे की ओर ले जाएं कि आपकी बाहों का बल जमीन पर लग रहा हो।

  • जिससे आपकी छाती और कंधे सीधा उन पर टिके हों।

  • इस मुद्रा में तब तक रहें जब तक आपको सहज हो।

  • इस मुद्रा से बाहर आने के लिए साँस छोड़ें और आराम से शरीर फर्श पर लेटने दें।

नोट : अगर आपकी पीठ में या कंधों में चोट या उच्च रक्तचाप के शिकार हों ,तो यह आसान न करें।

5 -पवनमुक्तासन :- पवनमुक्तासन उदर के लिए बहुत ही लाभप्रद आसान है। इस आसान से गैसटिक ,पेट की खराबी में लाभ मिलता है। इस आसान से पेट की बढ़ी हुई

चर्बी कम होती है।

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इस आसान से कमर दर्द ,साईटिका ,हृदय रोग ,गठिया में यह आसन लाभकारी होता है। पवनमुक्तासन स्त्रियों के लिए गर्भाशय संबंधी रोग के लिए काफी फायदेमंद होता है। इस आसान से मेरुदण्ड और कमर के नीचे के हिस्से में मौजूद तनाव दूर हो जाता है।

विधि :

  • किसी साफ जगह पर मैट बिछा लें और पीठ के बल शवासन की मुद्रा में लेट जाएं।

  • धीरे -धीरे घुटने को मोड़कर तलवे को जमीन पर टिकाएं।

  • दोनों हाथों से घुटने को ऊपर से पकड़े और साँस लेते हुए पैर के घुटने को सीने से लगाएं और 10 -20 सेकेंड तक साँस रोकें रखें।

  • घुटने को दोनों हाथों से मुक्त करें ,फिर साँस छोड़ते हुए पैरों को सीधा करके सामान्य स्थिति में लौट आयें।

  • इस क्रिया को 4 -5 बार दोहराएं

  • एक -एक कर के दोनों पैरों से करें।

नोट : जिन लोगों को कमर दर्द की शिकायत हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए अगर करना हो ,तो डॉक्टर की परामर्श लें। या योग गुरु से पूंछ कर करें। जिन लोगों को घुटने में तकलीफ हो या हर्निया से प्रभावित लोगों को स्वस्थ होने के बाद ही यह  योग करना चाहिए।स्त्रियों   को मासिक के समय में यह योग नहीं करना चाहिए।

 

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