नवजात शिशु के पहले 30 दिनों के लिए 30 टिप्स

नवजात शिशु के लिए पहले महीना यानि 30 दिनों तक खास देख -रेख की जरूरत होती है। शिशु को क्या कैसे करना चाहिए इसके बारे हम कुछ महत्वपूर्ण सुझाव बता रहे हैं। जिसे महिला अपना कर बच्चे के केयर कर सकती है।

 

ब्रेस्ट फीडिंग :– नवजात शिशु के लिए माँ का गाढ़ा पीला  दूध अमृत के सामना होता है। ऐसे में माँ बच्चे को 6 महीने तक स्तनपान कराना अतिआवश्यक है। जिससे बच्चे को हर बीमारियों से लड़ने में शक्ति मिल सके। स्तनपान कराने से बच्चे को अचछे नींद आती है और बच्चा आराम से सो भी जाता है। जब बच्चा नींद पूरी करने के उठता है तो अगर माँ ब्रेस्ट फीड करा देती है ,तो शांति पूर्वक खेलने या फिर अपने मस्त हो जाता है। जैसा की विशेषज्ञों का भी कहना है कि शिशु को ब्रेस्ट फीड अवश्य करायें। जिसके लिए हर माँ को शिशु को ब्रेस्ट फीड जरूर कराना चाहिए।

नर्सिंग हिंट :- माँ जब बच्चे को ब्रेस्ट फीड कराती है तो बच्चा अगर बार -बार ब्रेस्ट फीड करते वक़्त निप्पल काट लेता है। उसके लिए माँ को पहले से एलर्ट रहना चाहिए। और निप्पल में बाजार में उपलब्ध क्रीम लगा कर फीड करा सकती हैं इससे निप्पल भी मुलायम हो जायेगा और शिशु आसानी से दूध पी सकेगा।

  1. महिलाओं को मदद की तलाश के लिए उच्च सफलता दर :- महिला को पहले से सुनिशित कर लेना चाहिए की  शिशु का जन्म सुरक्षित हो। बहुत सारे नर्सिंग एक्सपर्ट का कहना है ,शिशु के जन्म के बाद माँ को दूध अवश्य पिलाना चाहिए। इसके लिए माँ को पहले से तयारी कर लेना चाहिए। ताकि ब्रेस्टफीडिंग कराते समय असहज न महसूस हो।

  2. यूज़ हॉस्पिटल रिसोर्स :- महिला अगर बचचे का जन्म हॉस्पिटल में हुआ है। तो शिशु को ब्रेस्ट फीड कराने के लिए नर्सिंग रूम का प्रयोग करें। जहाँ माँ जा कर आराम से शिशु को ब्रेस्ट फीड करा सकती है। इसके लिए काल बेल से नर्स या अटेंड को बुला कर कह सकती हैं।

  3. तैयारी :- शिशु को ब्रेस्ट फीड कराना सबसे सही होता है। ऐसे में माँ को शिशु को पहले पेशाब करा कर फीड करना चाहिए। इससे बच्चा दूध पीते वक़्त पेशाब नहीं करेगा।

  4. ट्राई वार्म कम्प्रेस :– अगर महिला का दूध नहीं निकलता है या नाली ब्लॉक हो गयी है। ऐसे में वार्म व् हीटिंग पैड ,से स्तनों से सिकाई करें। इसके बाद स्तन गीला होने पर साफ कपडे से पोंछ सकती है।अगर माँ चाहे तो नर्सिंग पिल्लो जो बहुत ही मुलायम होते है कर उपयोग करके फीड करा सकती हैं।

  5. हीट हेल्प फ्लो मिल्क :- महिला को अगर दूध फीडिंग कराने के बाद चोट या घाव हो जाये उसके लिए एमी हुकर का प्रयोग करें। अच्छी सिकाई के बाद ब्रेस्ट सही /ठीक हो जाता है।

  6. बोतल फीड कराना :- महिला अगर शुरू के 3 महीने तक ब्रेस्ट फीड करा चुकी हैं। तो वो बच्चे को बोतल से मिल्क दे सकती हैं। 6 से 8 हफ्ते बहुत है बच्चे को ब्रेस्ट फीड करना ऐसा डॉक्टर्स भी मानना है। इसके लिए माँ अपने डॉक्टर से बात करके सही चुनाव कर सकती हैं।

 

नींद :-

अगर शिशु बिना कुछ खाए पिये लगातार सो रहा है। वैसे छोटे बच्चों को कम से कम 16 घंटे तक सोना चाहिए। इसके लिए महिला को पहले से अलर्ट रहना चाहिए। जिससे बच्चे को समय -समय पर फ्रीड करा अच्छा फील कर सकें।

 

7. थकने पर :- माँ के लिए बेबी केयर बहुत जरूरी है। यह ऐसा नहीं है की आप रात भर जग कर शिशु की देख -रेख करके थक -हार के सो जाये। इसके लिए माँ जब बच्चा आराम से सोये साथ खुद भी सो जाये करें ताकि शिशु के साथ रात या दिन में जागने पर थके नहीं।

8. शिफ्ट के साथ :– महिला बच्चे की देख -रेख करने के लिए शिफ्ट का तरीका अपना सकती हैं। पति अगर दिन में बच्चा का देख रेख नहीं कर सकता तो रात में करें। इससे पति -पत्नी दोनों मिलकर बच्चे की परिवरिश अच्छे तरह से कर सकेंगे

9. पुरानी कहावत है :- जब शिशु सो रहा हो ,तो माँ को झपकी ले लेनी चाहिए। जो मऔर बच्चे दोनों के लिए बहुत फायदेमंद है।

10. -बच्चा सोने में अगर असहज है तो :- आपका शिशु अगर पुनि नींद नहीं सोता है ,तो इसके लिए माँ बच्चे को सीने से लगा सुला सकती हैं अगर उसकी आदत भी बन जाये तो कोई बुरी बात नहीं है। इसके लिए को परेशान नही होना चाहिए। शिशु को जिस पोजीशन में सुला सके ,वो जरूर करें।

सुखदायक :- अक्सर यह समझने के लिए कि वास्तव में बच्चे को पहले संदिग्ध सप्ताह में क्या करना चाहता है मुश्किल है। आप परीक्षण और त्रुटि से जाहिर है, सीखना होगा।

11. प्ले टून्स :– शिशु को स्मार्ट बनाने के लिए म्यूजिक आदि का प्रयोग करें जिससे बच्चा अट्रैक्ट हो कर मस्त रहे।

12. वार्म वाइप :– शिशु को डायपर यूज़ के बाद वाइप करने के गर्म टिशू या कपडा जिस पर गुनगुना पानी डाल कर पोंछ सकती हैं।

 

पिता का शामिल होना :

अगर आपका पति आपके प्रेगनेंसी में हेल्प करें। यह बहुत ही अच्छा है माँ और बच्चे के लिए। इसके लिए महिला को कोई दिक्कत नहीं होगी।

16. पिता का साथ :- पति जब बच्चा होता है उसके बाद खुद को उसके साथ होने में असहज महसूस करते हैं या शर्म।

17.बच्चे के लिए पिता समय निकालें :- बच्चे की देख -रेख के लिए पिता को ऑफिस से आने के कुछ टाइम व्यतीत करना चाहिए।

18. पिता के साथ फन /मस्ती :- बच्चे के साथ पिता का अगर मूड है मस्ती करने का है तो उसे अपने सीने पर लिटा कर आराम से फन कर सकते हैं।

समझदार :-

कोई फर्क नहीं पड़ता कैसे उत्तेजित आप एक माँ हो रही  हैं, निरंतर देखभाल एक शिशु की मांग को आप पलायन कर सकते हैं। अपनी उम्मीदों को कम करने और खुद की देखभाल करने के तरीके अपना सकती हैं।

19. भ्रामक सलाह को अनदेखी करना :- अगर आप पेरेंटिंग का बेस्ट तरीका अपनाना चाहते है तो सबसे अच्छा है। इसके लिए पति -पत्नी दोनों निर्णय ले सकते हैं।

20. घर के काम न करना :- बच्चे का पहला मंथ सेलिब्रेट करने के लिए घर के सारे कामों को छोड़कर उसकी देख -रेख में ज़्यादा ध्यान देने से घर में हुई गंदगी का भी  ध्यान देना चाहिए । ऐसा न हो की सिर्फ बच्चे को टाइम दिया जाये घर में डस्ट  ही डस्ट हो जाये।

21. मदद लेना :- अगर आपका पडोसी अच्छा है तो बेबी को कुछ समय के लिए उनको दे सकती हैं जब तक अपना जरूरी काम निपटा न लें।

22 . ज़्यादा लोगों की हेल्प :– अगर महिला को कई लोगों के हेल्प की जरूरत है तो क्यों ,क्या चाहती है ये जरूर लोगों को बता दे।

23. दूसरे को वर्क न दें :-महिला घर के काम खत्म करते -करते दूसरे को बच्चे का डायपर बढ़ने आदि का वर्क लोड न दें।

24. दुबारा जुड़ना :-महिला अगर बच्चे के देख -भाल के दुबारा लोगोंसे जुड़ना चाहती है तो आसानी से जुड़ सकती हैं।

 

बाहर बच्चे के साथ जाने पर

25. बैकअप लेना :- महिला अगर शिशु के साथ बाहर कहीं दूर जा रहीं हो ,तो घर के अन्य सदस्य जैसे बहन ,माँ किसी को साथ ले जाये ताकि थकने पर बच्चे कोई दूसरा व्यकित ले सके।

26. अपने दम पर :- महिला बच्चे के स्वागत के लिए लाइब्रेरी से शिशु के वेलकम खुद कैसे करे आदि तरीके पढ़ कर अपना सकती हैं।

27. डायपर बैग करना :– बच्चे के साथ बाहर जाने के लिए पहले से डायपर पैक करके रह लें। इससे महिला को काफी हेल्प मिलेगी।

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