सीने की जकड़न को घरेलू नुस्खे से करें ठीक

भारतीय परिवारों में लगभग हर बीमारी के लिए घरेलू नुस्खे मौजूद हैं। फिर चाहे वो दस्त के लिए हो या फिर सर्दी जु़काम हो। आज हम बात कर रहे हैं सर्दी और जुकाम के लिए घरेलू नुस्खों की। यहां कुछ ऐसे टिप्स हैं जो छह माह के बच्चे से लेकर आपके टोडलर दोनों के काम आ सकती हैं। सीने में जकड़न और सर्दी के लिए इन नुस्खों को अपना सकते हैं।

छह माह या छह माह से कम उम्र के बच्चे

  1. बच्चा अगर छोटा है तो उसके कमरे के लिए वैपोराइज़र खरीद लें। इसके इस्तेमाल से उसको सांस लेने में आसानी होगी। वैपोराइजर से कमरे में पर्याप्त मात्रा में माॅश्चराइजर रहेगा। सीने के जकड़न में राहत मिलेगी। वैपोराइजर को आॅनलाइन भी खरीदा जा सकता है।
  2.  लहसुन और अजवाइन को सूखा भूनकर उसकी एक पोटली तैयार करलें। इसे बाद ठंडा करके, इसे बच्चे की छाती और पैर के तलुओं पर मलें। इसे बहुत राहत मिलेगी।
  3. बच्चे को समय-समय पर फीडिंग कराते रहें। इससे बच्चा हाइडेªट रहेगा। ऐसा करने ने बच्चे की नाक और छाती दोनों नही जाम होगी।
  4. सोते वक्त बच्चे के सिर के नीचे तकिया लगा दें। सिर नीचे नहीं रहेगा तो जकड़क की आशंका कम हो जाएगी।

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टोडलर और एक साल के बच्चों के लिए

  1.  हल्दी- हल्दी  में एंटीबायोटिक तत्व होते हैं। इससे सर्दी में बहुत आराम मिलता है। इसके लिए दूध में चुटकी हल्दी डालकर उबाल लें।बच्चे को अगर हल्दी दूध नही पसंद आता है। तब ऐसे में उसमें चीनी,गुड़ मिलाकर उसे दें।
  2. लहसुन वाला दूध- सुनने में अजीब लग रहा है। ये जानकर हैरानी होगी कि सीने की जकड़न में मिल्क और गारलिक बहुत फायदेमंद है। इसके लिए एक दो कली लहसुन को दूध में उबाल लें और बच्चे को शहद या गुड़ मिलाकर पीने को दें।
  3. तुलसी जूस शहद के साथ-कुछ तुलसी के पत्तों का जूस निकालकर रख लें। इसमें शहद मिलाकर दिन में दो से तीन बार दें। इससे बलगम निकल जाएगा। बच्चे को आधा चम्मच जूस में आधा चम्मच शहद मिलाकर दें। इस का ध्यान रखें कि रोजाना ताज़ा जूस ही निकालें।
  4. अदरक का जूस-बच्चे को अदरक का जूस भी दे सकते हैं। इसके लिए अदरक को कददूकस कर लें। इसका जूस निकाल लें और बराबर मात्रा में शहद मिलाकर दें।

 

 

तीन से पांच साल तक बच्चे के लिए

  1.  खजूर या डेट्स-गुनगुने पानी के साथ अगर खजूर खाया जाए तो सर्दी में आराम मिलता है।
  2. पान का पत्ता- पान का पत्ता भी इस बीमारी में बहुत फायदा करता है। इसके लिए पान के पत्ते को गरम सरसों के तेल या कस्टर आॅयल में रखें। इसके बाद निकाल कर बच्चे के सीने पर रखें। पत्तों को गरम कपड़े से ढ़क दें। इससे बलगम निकलने में आसानी होगी।
  3.  बच्चे को सुबह खाली पेट सरसों का तेल भी पिलाया जा सकता है। इस बात ध्यान रखें कि तेल शुद्ध हो। खाली पेट एक चम्मच तेल पिलाने से भी आराम मिलता है।

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