मालिश से मजबूती और अपनापन

नवजात की मालिश अब बीते दिनों की बात जैसा लगता है। पहले की बात ही और थी जब नवजात के घर में आने के बाद दादी, नानी उसकी मालिश किया करती थीं। इसके अलावा दाई भी आकर बच्चे की मालिश किया करती थी। इससे बच्चे के शरीर में अच्छी धूप भी लगती थी और उनकी हड्डियां भी मजबूत होती थी। आज के समय में लोगों का मालिश से रुझान हट चुका है। लोगों को ऐसा लगता  है कि इससे बच्चे को नुकसान हो सकता है। हर छोटी बात के लिए आज के पैरेंटस को डाॅक्टर के पास जाना पड़ता है। चलिए जानते हैं क्यों जरूरी है नवजात शिशु की मालिश, और इसके फायदे क्या हैं।

हड्डियां होगी मजबूत- मां के गर्भ में बच्चे बंधे रहते हैं। बाहर आने के बाद उनके हाथ पैर को मजबूती के लिए जरूरी है कि बच्चे को सुबह की हल्की धूप में हल्के हाथों से मालिश की जाए। इससे उसको विटमिट डी भी मिल जाएगा। इसके साथ ही नवजात की एक्र्ससाइज भी हो जाएगी।

बढे़गा वजन– एक शोध के मुताबिक मालिश से बच्चों का वजन भी बढ़ता है। इंडियन जर्नल आॅफ पीडियाटिक्स के इस शोध के अनुसार बच्चों नियमित मालिश होनी चाहिए, ताकि उनका वजन बढ़े। इससे उनका शरीरिक विकास अच्छा होता है। नवजात का शरीर हष्ट-पुष्ट होगा और वो स्वस्थ रहेगा।

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हल्के हाथ से करें मालिश- बच्चे की मालिश हल्के हाथ से करें।  बच्चे की स्किन नाजु़क होती है। ज्यादा जोर लगाने पर उनको दर्द हो सकता है। इसलिए पेट के बल गोद में लिटाकर हल्के से मसाज दें। ज्यादा तेल न लगाएं, इससे बच्चा फिसल भी सकता है। अक्सर बच्चे मालिश को बच्चे इंज्वाॅय करते हैं और खेलने लगते हैं।

परिवार का सदस्य करे तो बेहतर- मसाज सिर्फ उनके शरीर को ही नहीं मजबूत करता है बल्कि इससे बच्चे का लगाव भी बढ़ता है। इसलिए मालिश मां को करना चाहिए। बच्चे मां के स्पर्श को ज्यादा पहचानते हैं इसलिए सहज महसूस करते हैं। इसके लिए अलावा अगर दादी-नानी या बुआ मालिश करती हैं तो भी उनको सहजता होती है।

नहलाएं जरूर- बच्चों को दिन में एक बार मालिश जरूर करें। इसके बाद उनको नहलाना जरूरी है। इतना वक्त आपके पास रहना जरूरी है कि मसाज के बाद उनको नहला दिया जाए। शरीर पर तेल लगा रहने से त्वचा में धूल मिट्टी चिपक सकती है। इससे उनको कई तरह का स्किन इंफेक्शन हो सकता है। शाम को अगर मसाज कर रहे हैं तो बच्चे को नहलाने के बजाय टिशू या सूती कपड़े से उनका शरीर साफ कर दें।

खाने वाले तेल से करें मालिश- खाने वाले तेल जैसे सरसों, नारियल, बादाम या तिल के तेल से मालिश करें। त्वचा इसे आसानी से सोख लेती है। इसके अलावा अगर बच्चा गलती से हाथ या अंगूठा मंुह में डाल लेता है तो नवजात को ये नुकसान नहीं करेगा। 

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