10 तेल बेबी मसाज के लिए

नवजात की मालिश बहुत अहम मानी जाती है। लगभग पूरे भारत में बच्चे की मालिश की जाती है। ये अलग बात है कि डाॅक्टर और सेहत के जानकारों की मालिश से होने वाले फायदे को लेकर अपनी अलग-अलग राय है। सच ये है कि अच्छे तेल से अगर बच्चे की मालिश होती है तो इससे बच्चे के शरीरिक विकास और त्वचा की बेहतरी में सहायता मिलती है। चलिए जानते  हैं किस तेल करें बच्चे की मालिश।1 नारियल का तेलआमतौर पर ये तेल अक्सर लोग इस्तेमाल करते हैं। खास करके अगर हम साउथ इंडिया की बात करें, तो वहां पर नारियल का तेल सबसे खास तेल है।
  • - इसे गरम करने के अलावा ठंडा भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • -  नारियल का तेल आसानी से शरीर में समा जाता है।
  • -इसके अलावा अगर त्वचा सेंसटिव, रेश या रूखी है तो उसके लिए भी बेहतर है।
  • - बच्चे को नहलाने के बाद इससे मालिश करें इससे उसकी त्वचा माॅश्चराइस रहेगी।
  • - त्वचा को निखारने के लिए इसमें एंटी आॅक्सीडेंट, केपरीलिक और लाॅरिक एसिड होता है। ये एंटी वैक्टीरियल और एंटी फंग्ल होता है इसलिए ये बच्चे की स्किन के लिए सुरक्षित है।
2 सरसों का तेलसरसों के तेल से की गयी मसाज सबसे सुरक्षित मानी जाती है। सर्दी के मौसम में ये तेल सबसे खास है। इससे मालिश करने बच्चे को सर्दी जुकाम होने की आशंका कम हो जाती है।
  • -मौसम अगर ज्यादा गरम हो तो इससे मालिश न करें। हो सकता है कि इससे त्वचा में खुजलाहट हो।
  • - गर्मी में गरम सरसों के तेल मालिश न करें।ष्
  • - बच्चे के शरीर में अगर बाल ज्यादा है तो इसकी रेगुलर मालिश से अनवांछित बाल निकल जाएंगे।
  • - ये तेल बच्चों को सर्दी जुकाम से बचाता है और हड्डियां मजबूत होती हैं।
Untitled design (60)3 आॅलिव आॅयल
  • आॅलिव आयल बच्चों की मालिश के लिए मशहूर है। इससे अगर बच्चे की त्वचा पर कोई अलर्जी नहीं होती है। तो इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। त्वचा अगर संवेदनशील है तो इससे मालिश न करें। इसके अलावा अगर सिर में बाल कम है तो बच्चे को रोजाना ये तेल लगाएं। उनके बाल अच्छे हो जाएंगे।
4 तिल का तेल
  • भारत में तिल का तेल बच्चों के लिए स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। इसके कई फायदे भी हैं।
  • - इसका इस्तेमाल सर्दी में करें। इससे सर्दी में बच्चे की त्वचा रूखी नहीं रहेगी।
  • - ये तेल थोड़ा भारी होता है इसलिए गर्मी में इससे बचना चाहिए।
  • -सबसे बेहतर होगा कि काले तिल के तेल से मालिश की जाए। आयुर्वेद में ये तेेल बहुत पापुलर है।
  • 5 बादाम का तेल
  • इसमें विटमिन ई होता है। कोशिश करें कि शुद्ध बादाम के तेल से मालिश करें। इसमें किसी तरह को कोई फे्रगनेंस न हो।
  • - इसमें विटमिन डी भी होता है। इससे गर्मी और सर्दी दोनों मौसम में मालिश की जा सकती है।
  • - इससे सिर की मालिश करें, इससे बच्चे के सिर में रूसी नहीं रहेगी।
Untitled design (59)6 सनफ्लावर आॅयल या सूरजमुखी का तेल स्ूारजमुखी के तेल से बच्चे की मालिश करने से उनको संक्रमण से दूर रखा जा सकता है। खास करके उन बच्चों के लिए से सबसे खास है। जिनका जन्म नौ महीने से पहले होता है। प्रीमेच्योर बेबी में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इसलिए डाॅक्टर की सलाह होती है कि उनकी मालिश सनफ्लावर आॅयल होनी चाहिए।
  • -इसमें विटमिन ई होता है।
  • - ये फैटी एसिट की गुणवत्ता से ये भरपूर होता है। जोकि त्वचा को नरिश करता है।
  • - अगर बच्चे की त्वचा संवेदनशील  या रैश है इससे इसे मालिश न करें।
7- कैममाइल आॅयल- नवजात की सेंसटिव त्वचा के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। ये तेल रैश और कई तरह की त्वचा से संबंधित दिक्कतों के लिए वरदान है। ये तेल उन बच्चों के लिए सबसे खास है जो आसानी से सोते नहीं है।8 टी ट्री आॅयलवैसे तो ये डाॅक्टर की सलाह पर ही इस्तेमाल किया जाता है। प्राकृतिक आॅयल होने के साथ ही इसमें रोगप्रतिरोधक तत्व भी होते हैं। इससे कई तरह की स्किन अलर्जी से छुटकारा मिलता है और बेबी को रीलैक्स फीलिंग आती है।9-कैलडुला आॅयलबच्चे को नहलाने  के बाद इससे मालिश की जा सकती है। इसके लिए किसी की सलाह की जरूरत नही है। फिर भी बच्चे को अगर कोई दिक्कत होती है तो इसका इस्तेमाल बंद कर दें।10- कैस्टर आॅयलइससे मालिश करने के बाद बच्चे को जरूर नहलाएं। इसका इस्तेमाल उनके लिए भी अच्छा है, जिनको रूखी त्वचा, बालों और नाखून की समस्या है। इससे मालिश करते वक्त ध्यान रखें कि तेल बच्चे की आंख और होठो पर ये तेल न लगने दें।Featured image 
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